Tuesday, 25 July 2017

जीवन में पैसे की समझ क्यों जरूरी है? | Money Management Tips



हमारे जीवन में पैसा (Money) बहुत जरूरी है। अगर आजकल की दिनचर्या पर ध्यान दिया जाये तो जीवन की 90% जरुरतें पैसे से ही पूरी होती हैं। अब यदि जीवन की इतनी सारी जरूरतें पैसे से पूरी होती हैं तो प्रत्येक व्यक्ति को पैसे के बारे में अच्छी समझ भी होनी चाहिए। यदि व्यक्ति को पैसे की अच्छी समझ नहीं होगी तो वह जीवन की 90% जरूरतों को कैसे पूरा कर पायेगा? पैसे के बारे में अच्छी समझ नहीं होने से जीवन की जरूरतें पूरी करने में कहीं न कहीं कोई कमी जरूर रह जाएगी। केवल ज्यादा पैसा होना जीवन (Life) की 90% जरूरतों को पूरा कर दे, इस बात की कोई गारंटी नहीं है। पैसे होने से साथ साथ पैसे की समझ भी बहुत जरूरी है। एक मध्यमवर्गीय परिवार को यदि पैसे की समझ है तो वह अपनी सारी जरूरतों को बड़ी आसानी से पूरा कर सकता है। यदि एक अमीर परिवार को पैसे की समझ नहीं है तो वह अपनी सारी जरूरतों को पूरा नहीं कर सकता और हो सकता वह अपना पैसा गवां बैठे।
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पैसे की समझ क्या हैं? (What is the “understanding of money”?)

पैसे की समझ को समझना कठिन नहीं है लेकिन पैसे की समझ को विकसित करके उसे अपने जीवन में लागू करना थोड़ा कठिन है। सरल शब्दों कहें तो आप जो पैसा कमाते हैं उसे–
1- कैसे खर्च करना है ?
2- कितना खर्च करना है ?
3- कितना बचाना है ?
4- आप भविष्य में कहाँ और कितना पैसा खर्च करेगें ? और कितनी बचत कर पाएंगे ?
5- किस किस रास्तों से आपके पास पैसा आता है ? और आप उसे कैसे Manage करते हैं ? आदि
इन सभी बातों की जानकारी रखना ही पैसे की समझ है। आपको इसी समझ को विकसित करना होता है और अपने जीवन में लागू करना होता है। पैसे की समझ अचानक ही विकसित नहीं हो जाती, इसे थोड़ा समय (Time) लगता है। वैसे तो जीवन में जब भी आप चाहे तब पैसे की समझ को विकसित करना शुरु कर सकते हैं लेकिन यदि कोई माता पिता अपने बच्चे में, जब वह 12  साल का हो, तब से पैसे की समझ को विकसित करना Start कर दें तो वह बच्चा 100 % एक अमीर और सुखी जीवन जियेगा।

पैसे की समझ का विकास क्यों जरुरी है? (Why must develop an “understanding of money”?)

आजकल अगर आप एक सफल जीवन जीना चाहते हैं तो आपको अपने जीवन में पैसे की समझ को विकसित करना उतना ही जरूरी है जितना कि भोजन करना, पानी पीना और सांस लेना। बिना पैसे की समझ के आप एक सफल जीवन नहीं जी सकते। पैसे की समझ का विकास इसीलिए जरूरी है क्योकि-
1- यह स्कूलों में नहीं सिखायी जाती है।
2- पैसे की समझ किसी भी किताब से सीखी जा सकती है लेकिन विकसित नहीं की जा सकती।
3- जीवन की 90% जरूरतें पैसे से पूरी होती हैं, अतः पैसे की समझ बहुत जरूरी है।
4- जीवन को सुखी और आनंदपूर्ण बनाने के लिए पैसे की समझ जरूरी है।
5- जीवन में अमीर व्यक्ति बनने के लिए पैसे की समझ जरूरी है।
6- जीवन में एक सफल Businessman बनने के लिए पैसे की समझ जरूरी है।

पैसे की समझ कैसे विकसित की जाये? (How the “understanding of money” should be developed?)

पैसे की समझ विकसित करना एक Process है जिसे समझने में कुछ समय लगता है। वैसे तो कभी भी इसकी शुरुआत जा सकती है लेकिन 12-15 वर्ष की उम्र में घर से इसकी शुरुआत सबसे Ideal होती है। पैसे की समझ विकसित करने के लिए निम्न बातों को सीखना और आदत में लाना बहुत जरुरी है—
1- पैसे की बचत की आदत बनाना (Save money)
पैसे को बचाना (बचत करना) और इसे एक आदत बना लेना पैसे की समझ को विकसित करने का First step है। प्रत्येक माता पिता को अपने बच्चे में ये आदत शुरू से ही विकसित कर देनी चाहिए। इसके लिए बच्चो को अपनी Pocket money में से कुछ पैसा बचत करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। यदि आपने पैसो की बचत करना अभी शुरू नहीं किया है तो इसे आज से ही Start कर दें।
2- पैसे को कमाने के तरीके सीखना (Earn money)
जीवन को जीने के लिए हम लोग कोई न कोई Service या Business तो करते ही हैं लेकिन इसके साथ ही साथ पैसे कमाने के अन्य तरीकों को भी खोजते रहना चाहिए। हमारे पास एक रास्ते से नहीं बल्कि कई रास्तों से पैसा आना चाहिए। अपने बच्चो को भी इन सब तरीकों को बताते रहना चाहिए। यदि आपके पास आज के समय में केवल एक ही रास्ते से पैसा आता है तो आपको तुरंत कई नये रास्तों से पैसा आये, ऐसा सोचना शुरू कर देना चाहिए।
3- पैसे का कहाँ और कैसे निवेश करना है (Investment of money)
जब आप पैसे की बचत करना शुरू कर देते हैं तो धीरे धीरे आपके पास काफी पैसा जमा हो जाता है। इस जमा हुए पैसों का क्या करना है, यह भी आपको आना चाहिए। आपको निवेश करना आना चाहिए। निवेश का अर्थ अगर सरल शब्दों में बताया जाये तो जमा किये पैसो से पैसे कमाना ही निवेश कहलाता है। आपको निवेश करना सीखते रहना चाहिए और इसे एक आदत बना लेना चाहिए। बच्चों को शुरू से ही निवेश के बारे में बताना और सिखाते रहना चाहिए।
4- भविष्य के लिए पैसे की योजना बनाना (Future planning)
भविष्य में होने वाले खर्चों की योजना आपको पहले से ही करनी चाहिए। बच्चों की पढ़ाई, शादी, घर खरीदना आदि में होने वाले खर्चे के बारे में आपको पहले से ही योजना बनाकर पैसे को Collect करने की आदत का विकास कर लेना चाहिए और बच्चों को भी इस बारे में सिखाते रहना चाहिए। यह आदत विकसित कर लेने से समय आने पर आपको पैसे की कमी महसूस नहीं होती है और काम आसानी से हो जाता है।
5- दैनिक और महीने का बजट तैयार करने की आदत (Daily and monthly budget)
दैनिक और महीने का बजट बनाना और इसे अपनी एक आदत बना लेना बहुत जरूरी है। दिन में और महीने में आपको कितना पैसा बचाना है ? कितना खर्च करना है ? आदि का पूरा बजट आपको पहले से ही बना लेना चाहिए। इस आदत को विकसित करने के बाद आप अनावश्यक खर्चों से बच जायेंगे। इस बारे में भी बच्चों के लिए शुरू से बताना चाहिए और इस आदत को उनमे विकसित करना चाहिए।
दोस्तों ! यदि आप इन सभी बातों का ध्यान रखेंगे और इन सब आदतों को विकसित कर लेंगे तभी आप पैसे की समझ रखने वाले एक अच्छे इंसान बन पाएंगे। बच्चों में इन सभी आदतों का विकास जितनी जल्दी हो सके, शुरू कर देना चाहिए।

Source: http://www.aapkisafalta.com/2015/09/importance-of-money-management-in-hindi.html

मेरा जीवन ही मेरा सन्देश है | Mahatma Gandhi



आज मैं अपने अंदर सकारात्मकता (Positiveness) को महसूस कर रहा हूँ। ऐसा इसीलिए है क्योकि मैं आज दुनिया के एक महान व्यक्ति के बारे में लिख रहा हूँ जिनका नाम है– मोहनदास करमचंद गांधी। इस महान हस्ती को आप बापू जी, महात्मा गांधी, राष्ट्रपिता, साबरमती का संत आदि नाम से भी जानते हैं। जिनके बारे में महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने गांधी जी के 70 वें जन्मदिवस के अवसर पर कहा था, “हजार साल बाद आने वाली पीढियां इस बात पर बहुत मुश्किल से विश्वास करेंगीं कि हाड़ और मांस का बना कोई एक ऐसा इंसान इस धरती पर आया था।” गांधी जी पूरी दुनिया में सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह के प्रेरणास्रोत माने जाते हैं। आज मैं आपको गांधी जी के Motivational Ideas के बारे में बताना चाहता हूँ जो आज के समय में किसी भी व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत का कार्य करेंगे। गांधी जी का जीवन ही उनका सन्देश था। यह Mahatma Gandhi ji के ऐसे विचार हैं जो कल भी प्रासंगिक (Relevant) थे, आज भी प्रासंगिक है और भविष्य में हमेशा प्रासंगिक रहेंगे। कृपया Mahatma Gandhi ji के इन विचारों को ध्यान से पढ़िए और इन विचारों को अपने जीवन (Life) में उतारने का प्रयास कीजिये।
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महात्मा गांधी
1- समानता में विश्वास
गांधी जी समानता में विश्वास करते थे। उनका कहना था कि समाज के निम्न वर्ग और उच्च वर्ग को समान किये बिना एक अच्छे समाज और एक देश की कल्पना नहीं की जा सकती। समानता में विश्वास करते हुए सभी को समान इज्जत देना ही हमारा उद्देश्य होना चाहिए।
2- गलती को स्वीकार करना
गलती करना तो मनुष्य का स्वभाव है। यदि कोई व्यक्ति गलती करता है तो उसे उस गलती को स्वीकार करना चाहिए। गलती को स्वीकार करने से उस गलती का भविष्य में दोबारा होने की संभावना कम हो जाती वरना व्यक्ति बार-बार वही गलती करता रहता है।
3- पाप से घृणा, पापी से नहीं
गांधी जी का कहना था कि हमें पाप से घृणा करनी चाहिए, पापी से नहीं। पाप करने वाले व्यक्ति के अंदर से पाप करने वाले विचारों को यदि अच्छे विचारों में बदल दिया जाये तो वही व्यक्ति एक संत की तरह कार्य कर सकता है। सभी व्यक्ति एक ही शक्ति के द्वारा बनाये गए हैं और सभी सामान हैं। विचारों को बदल दें, व्यक्ति बदल जायेगा।
4- समय ही धन है
गांधी जी का कहना था कि हमें समय को बर्बाद नहीं करना चाहिए क्योकि समय को बर्बाद करने का मतलब है, धन को बर्बाद करना। समय ही धन है। समय प्रबंधन के बारे में गांधी जी के यह विचार आज के समय में बहुत ही प्रासंगिक हैं। हमें समय का पूरा उपयोग करना चाहिए।
5- मन की पवित्रता
गांधी जी ने मन की पवित्रता की तरफ ज्यादा ध्यान देने को कहा था। उनका कहना था कि अगर मन पवित्र है तो विचार पवित्र होंगे और यदि विचार पवित्र हैं तो हमारे समस्त कार्य पवित्र होंगे। मन की पवित्रता किसी भी व्यक्ति के लिए महान बना सकता है।
6- सेवा भाव का होना
गांधी जी के अनुसार जीवन में सेवा का भाव का होना बहुत जरूरी है। यह सेवा का भाव व्यक्ति का दूसरों के प्रति होना चाहिए। इसके साथ ही साथ सेवा का भाव व्यक्ति का खुद के प्रति भी होना चाहिए। अपने कार्य खुद करना ही खुद के प्रति सेवा भाव है।
7- व्यक्ति की नैतिक प्रगति
गांधी जी के अनुसार देश की आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और राजनैतिक प्रगति तभी संभव है जब उस देश के नागरिकों की नैतिक प्रगति हो चुकी हो।  बिना नैतिक प्रगति के बाकी सभी प्रगति संभव नहीं हैं। सबसे पहले खुद को नैतिक बनाइए उसके बाद देश की नैतिक प्रगति में योगदान दीजिये।
8- पहले खुद को बदलें
यदि आप दूसरों को बदलना चाहते हैं और यदि आप दुनिया को बदलना चाहते हैं तो इसकी शुरुआत खुद से करें। खुद को सबसे पहले बदलें। यदि आप दूसरों में कोई बदलाब चाहते हैं तो वही बदलाब पहले खुद में लायें। दुनिया को सत्यता के बारे में बताना चाहते हैं तो सबसे पहले खुद को सत्यता से अवगत करायें।
9- बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, बुरा मत कहो
गांधी जी के तीन बंदरों को एक प्रतीक के रूप में बनाकर “बुरा मत देखो, बुरा मत सुनो, बुरा मत कहो” के बारे में प्रत्येक व्यक्ति के लिए बहुत अच्छा संदेश दिया गया है। यदि दुनिया का प्रत्येक व्यक्ति केवल इसी संदेश को मान ले तो कभी दुनिया में कोई परेशानी नहीं आएगी और यदि आएगी भी तो बहुत आसानी से समाप्त हो जाएगी।
10- सत्य ही दुनिया में एकमात्र सत्य
गांधी जी सत्य के सबसे बड़े प्रचारक थे। उनके अनुसार सत्य ही दुनिया का सबसे बड़ा सत्य है। एक झूठ को छुपाने के लिए बहुत से झूठ बोलने पड़ते हैं लेकिन एक सत्य से ही सारे झूठ का अंत हो जाता है। दुनिया के सभी धर्म सत्य को मानते हैं। उन्होंने अपने जीवन में देश को आजादी दिलाने के लिए सत्य को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया।
11- सभी से प्रेम करो
गांधी जी ने प्रेम को दुनिया की सबसे बड़ी शक्ति माना है। उनका कहना था कि आपका सामना जब भी किसी विरोधी से हो तो उससे प्रेम से ही जीतें। जहाँ प्रेम होता है, वहां जीवन भी होता है। प्रेम एक ऐसा साधन है जिससे बड़े से बड़े युद्धों को बिना किसी हिंसा के जीता जा सकता है।
12- अहिंसा सबसे बड़ा धर्म है
गांधी जी ने अहिंसा को अपना सबसे बड़ा धर्म माना था। उनका कहना था की उनका सबसे बड़ा धर्म सत्य और अहिंसा है। सत्य को पाने के लिए अहिंसा को एक रास्ते के रूप में उन्होंने प्रयोग किया। अहिंसा किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत जरुरी है। इस बात को पूरी दुनिया ने माना है। इसी कारण 2 अक्टूबर को “विश्व अहिंसा दिवस” के रूप में मनाया जाता है।
13- शांति का रास्ता केवल शांति है
गांधी जी के अनुसार यदि आप शांति पाना चाहते हैं तो शांति तक पहुंचने का रास्ता भी शांति का ही है। युद्ध से कभी शांति नहीं पायी जा सकती। शांति एक ऐसा रास्ता है जिस पर चलकर बिना किसी हानि के हम किसी भी उच्च शिखर तक पहुंच सकते हैं।
14- लक्ष्य तक पहुँचने का रास्ता भी पवित्र हो
गांधी जी ने कहा था कि किसी पवित्र लक्ष्य तक पहुँचने का रास्ता भी पवित्र होना चाहिए। यदि आप किसी अच्छी चीज को पाना चाहते हैं तो उस अच्छी चीज को पाने का रास्ता भी अच्छा ही होना चाहिए। बुरा रास्ता अपनाकर किसी अच्छी चीज पाना जायज नहीं माना जा सकता।
15- यह हैं सबसे बड़े सात पाप
गांधी जी ने सात सबसे बड़े पाप के बारे में बताया है, वह हैं–बिना काम के धन को पाना, बिना अंतरात्मा के सुख की प्राप्ति, बिना मानवता के विज्ञान का विकास, बिना चरित्र के ज्ञान की प्राप्ति, बिना अच्छे सिद्धांतों के राजनीति, बिना नैतिकता के किया गया व्यापार और बिना त्याग की गयी पूजा। प्रत्येक व्यक्ति को इन सातों पापों से बचना चाहिए।
16- विचारों को कैद नहीं किया जा सकता
गांधी जी के अनुसार किसी व्यक्ति को तो आप कैद कर सकते हैं लेकिन उसके विचारों को कैद नहीं किया जा सकता है। अंग्रेजों ने गांधी जी को जितनी भी बार कैद किया, उनके विचार उतनी ही तेजी से लोगों में फैले और अंग्रेजों के भारत से जाने के कारण बने।
17- जो कहते हो वह करके दिखाओ
गांधी जी कहते थे कि आपकी कथनी और करनी में कम कम अंतर होना चाहिए। आप जो भी कहते हो, वह करके दिखाओ। यदि आपने अपने कहने और करने के अंतर को कम कर दिया तो आप एक महान व्यक्ति की श्रेणी में आ जाओगे।
18- आपकी प्रत्येक गलती आपको शिक्षा देती है
गांधी जी के अनुसार आपके द्वारा की गयीं गलतियां आपको बहुत कुछ सीखने का मौका देती हैं। प्रत्येक गलती कुछ न कुछ अच्छा सन्देश जरूर देती है। जो व्यक्ति जितना ज्यादा प्रयास करता है, उतनी ही ज्यादा गलतियां होने की संभावना रहती है और उतनी ही ज्यादा संभावना सीखने की भी रहती है।
19- उपदेश मत दीजिये, कोई अच्छा कार्य कीजिये
केवल अच्छे उपदेश देने से कुछ नहीं होता, अच्छे कार्य करने से कुछ अच्छा होता है। गांधी जी ने अपने जीवन में उपदेश नहीं दिए बल्कि वह अपने कार्यों के द्वारा आज पूरी दुनिया में जाने जाते हैं। दुनिया को बदलने के बारे में मत कहिये, दुनिया को बदल कर दिखाइए, लोग आपको खुद ही पहचान जायेंगे।
20- हम जैसा सोचते हैं, वैसे ही बन जाते हैं
गांधी की के अनुसार अच्छे विचारों को अपना साथी बनाना चाहिए। अच्छे विचार अच्छा सोचने से ही आते हैं। जैसा आप सोचते हैं, वैसे ही आपके विचार बनते हैं और वैसे ही आप कार्य करते हैं। अतः अच्छा सोचने की आदत डालें। आपके अच्छे विचार आपके जीवन को अच्छा बना सकते हैं।

Source: http://www.aapkisafalta.com/2015/10/motivational-ideas-of-mahatma-gandhi-in-hindi.html

कार्य उतने करो जितने संभाल सको | Inspirational Hindi Story



सच में ! बच्चे होते ही बहुत प्यारे हैं। बच्चो में एक आदत होती है कि वह जो भी चीज देखते हैं, उसे अपने मुँह में रख लेते हैं। इसके अलावा उन्हें जो भी चीज खाने की अच्छी लगती है, उसे बार-बार मांगते हैं और खाते हैं। बच्चों की यह नटखट हरकतें कभी तो हमें बहुत हंसाती हैं तो कभी हमें परेशान भी कर देती है। ऐसी स्थिति में हमें बच्चों को समझाना पड़ता है।
ऐसे ही बालकों में से एक बच्चा जिसका नाम गोलू था, बहुत ही नटखट था और उसे चीनी खाने का बहुत शौक था। जब भी वह चीनी मांगता था तब उसकी माँ उसे एक कटोरी में थोड़ी सी चीनी दे देती थी। एक बार गोलू ने अपनी माँ को कांच के एक सुन्दर से जार में से चीनी निकालते देख लिया। अब तो गोलू का मन करने लगा कि वह उस जार में से ही चीनी निकालकर खायेगा।
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वह तुरंत जार के पास गया और जार के अंदर हाथ डाल दिया। चीनी को उसने अपनी मुट्ठी में भर लिया। जार का मुँह छोटा था जिसके कारण गोलू अपने हाथ को अब जार से बाहर नहीं निकाल पा रहा था। गोलू का हाथ जार से बाहर नहीं निकल पा रहा था फिर भी गोलू चीनी से भरी मुट्ठी को खोलने को तैयार नहीं था। गोलू ने बहुत कोशिश की लेकिन उसका हाथ जार से बाहर नहीं निकला तो उसने रोना शुरू कर दिया लेकिन मुट्ठी नहीं खोली।
दूर खड़ी उसकी माँ यह सब नजारा देख रही थीं। उन्होंने गोलू की परेशानी को जान लिया और पास जाकर गोलू से कहा, “बेटा ! इतनी लालच नहीं करते हैं। तुमने अपनी मुट्ठी में इतनी ज्यादा चीनी भर रखी है कि हाथ जार से बाहर नहीं निकल पा रहा है। तुम एक बार में इससे आधी चीनी निकाल लो तो तुम्हारा हाथ बाहर निकल आएगा। यदि तुम चाहो तो जार में दूसरी बार हाथ डालकर दोबारा फिर उतनी ही चीनी निकाल सकते हो।” गोलू ने तुरंत अपनी माँ की बात मान ली और उसका हाथ जार से बाहर निकल आया। अब गोलू बहुत खुश था।
दोस्तों ! गोलू तो बच्चा था लेकिन हम लोग भी अक्सर ऐसी गलतियां करते रहते हैं। गोलू की इस नटखट हरकत से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है—
जीवन में हमें कोई भी वस्तु उतनी ही लेनी चाहिए जितना हम एक बार में संभाल सकते हैं। ज्यादा वस्तुओं को एक बार में ही इकट्ठा करके हमारी भी स्थिति गोलू जैसी हो सकती है। कुछ लोग अपने घर में इतनी ज्यादा वस्तुएं एकत्रित कर लेते हैं कि उन्हें बाद में परेशानी का सामना करना पड़ता है। कहने का मतलब यह है कि जीवन में हमें उतने ही पैर फ़ैलाने चाहिए जितनी हमारी चादर होती है।
Life में लोग बहुत से कार्य एक साथ करना चाहते हैं और बाद में एक भी कार्य सही से पूरा नहीं होने के कारण गोलू की तरह रोते हैं। उदहारण के लिए, हमारे आजकल के युवा अपना Career बनाने के लिए और जल्दी ही कोई अच्छी Job पाने के लिए कई Courses में एक साथ Admission ले लेते हैं। नतीजा यह होता है कि वह कोई भी कोर्स सही से नहीं कर पाते और Unsuccessful हो जाते हैं। यदि वह कोई एक कोर्स पूरा करने के बाद दूसरा कोर्स करते तो अपना 100 % Concentration एक ही कोर्स पर दे पाते और Success हो जाते।
इसी तरह बहुत से लोग एक साथ कई Business शुरू कर लेते हैं जबकि उनमे उन्हें संभालने का न तो साहस होता है और न ही अनुभव होता है।
मेरा यहाँ यह कहने का मतलब नहीं है कि कई कार्य, कोर्स या बिज़नेस आदि एक साथ न करें। आप केवल उतने कार्य कीजिये जितने आप संभाल सकें। अब यदि आप कई कार्य एक साथ संभालने की Ability रखते हैं तो जरूर करें लेकिन यदि नहीं रखते हैं तो कई कार्य एक साथ न करें। कोई भी व्यक्ति कई कार्य एक साथ कर सकता है लेकिन उसके लिए उस व्यक्ति को अपने अंदर उस सभी कार्यों को एक साथ करने की योग्यता Develop करनी होगी। हमें उतने कार्यों को एक साथ करना चाहिए जितना हम एक बार में संभाल सकते हैं।

Source: http://www.aapkisafalta.com/2015/10/inspirational-hindi-story-on-successful-working-ability.html

सफल होना है तो बहानों के जाल को तोड़ दो | No Excuses In Life



बहाने बनाना एक आम बात है। ज्यादातर लोगों को बचपन से ही बहाने बनाने की आदत होती है। जब एक बच्चा स्कूल नहीं जाना चाहता है तो वह तरह-तरह के बहाने बनाने लगता है और इसी उम्र से शुरू होती है बहाने बनाने की आदत (Habit) जिसको अगर सही समय पर नहीं छोड़ा जाता है तो ये व्यक्ति के जीवन (Life) की एक हिस्सा बन जाती है।
वास्तव में बहाना बनाना एक ऐसे जाल की तरह होता है जिसको यदि सही समय पर नहीं तोड़ा गया तो उम्र बढ़ने के साथ यह जाल लगातार आपको जकड़ता चला जायेगा और असफल बना देगा। यही बहाने बनाने की आदत व्यक्ति के जीवन में सफलता (Success) और असफलता (Failure) का निर्णय करती है।
व्यक्ति के बनाये गए बहानों (Excuses) और सफलता के बीच एक विपरीत सम्बंध होता है। कोई भी व्यक्ति सफल है या असफल, इसका पता व्यक्ति द्वारा बनाये गए बहानों से पता लगाया जा सकता है। जो व्यक्ति जितने ज्यादा बहाने बनाता है, वह सफलता से उतनी ही दूर होता चला जाता है और जो व्यक्ति जितने कम बहाने बनाता है, वह सफलता के उतने ही पास आता चला जाता है।
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यहाँ एक बहुत महत्वपूर्ण बात (Important Subject)यह सामने आती है कि व्यक्ति बहाने बनाता ही क्यों है? ऐसे क्या कारण हो सकते हैं कि व्यक्ति अपने जीवन में बहाने बनाना सीख जाता है? यदि किसी बहाने बनाने वाले व्यक्ति की आदतों, कार्यों और उसके व्यवहार को ध्यान से देखा जाये तो बहुत सी बातें सामने आती हैं जो यह बताती हैं कि व्यक्ति बहाने क्यों बनाता है?
व्यक्ति बहाने क्यों बनाता है ?
1- असफल होने पर अपनी इज्जत बचाने के लिए
जब भी व्यक्ति असफल हो जाता है तो अपनी इज्जत बचाने के लिए तरह-तरह के बहाने बनाता है। वह लोगों को बताता है कि उसकी इस असफलता के लिए वह खुद जिम्मेदार (Responsible) नहीं है, वह दूसरे लोगों को अपनी असफलता के लिए दोष देता है।
2- अपनी कमियों को छुपाने लिए
बहुत से व्यक्ति अपनी कमियों को दूर नहीं करते बल्कि अपनी कमियों को छुपाने के लिए वह कई प्रकार के बहाने बनाते हैं। बहुत से लोग अपने दोषों को छुपाने के लिए अपने घर तथा ऑफिस में बहाने बनाते रहते हैं।
3- दूसरों की सहानुभूति पाने के लिए
अधिकतर लोग केवल सहानुभूति पाने के लिए अनेक बहाने बनाते हैं। उदहारण के लिए, बहुत से लोग घर में बीमार होने का बहाना बनाते हैं ताकि घर के लोग उनके लिए सहानुभूति रखें तथा उनकी सेवा करें।
4- झूठी सफलता पाने के लिए
कुछ लोग झूठी सफलता पाने के लिए अपने घर, ऑफिस और समाज में तरह-तरह के बहाने बनाते हैं। कुछ लोग बहुत सारे बहाने बनाकर कुछ सफल भी हो जाते हैं लेकिन उनकी यह सफलता झूठी और अस्थाई होती है।
5- बहाने बनाने की आदत हो जाना
अब कुछ ऐसे लोगों भी हैं जो बहानें सिर्फ इसीलिए बनाते हैं क्योकि बहाने बनाने की उनकी आदत हो चुकी होती है। ऐसे लोग बिना किसी कारण के बहाने बनाते रहते हैं और अपने आसपास के लोगों को अपनी इस आदत ही वजह से गुमराह करते रहते हैं।
यह सभी ऐसे कारण हैं जिस वजह से लोग बहाने बनाते हैं। बहुत से लोग बहाने बनाने में इतने माहिर होते हैं कि लोग इनकी बातों में आ जाते हैं। यह बात सत्य है कि बहाने बनाने वाले लोग कभी सफलता प्राप्त नहीं कर पाते हैं क्योकि वह अपनी सारी Energy नए-नए बहानों को खोजने में खर्च कर देते हैं।
कुछ लोग इतने नए बहाने खोज कर लाते हैं कि लोगों को विश्वास करना ही पड़ता है। फिर भी, बहुत से बहाने ऐसे common होते हैं जिन्हे लोग बनाते रहते हैं। अब मैं आपको कुछ ऐसे बहानों के बारे में बताने जा रहा हूँ जो बहुत common हैं…….
1- “तबियत ठीक नहीं है” का बहाना बनाना
ज्यादातर लोग अपनी ख़राब सेहत (Bad health)का बहाना बनाते हैं और यह बात सही है कि ख़राब सेहत को लेकर अनेक बहाने बनाये जा सकते हैं। लेकिन यह बात भी सही है कि 90% सेहत ख़राब होने के बहाने या तो झूठे होते हैं या फिर बहाने बनाते-बनाते व्यक्ति को ऐसा एहसास होने लग जाता है कि वह बीमार है जबकि वह व्यक्ति स्वस्थ होता है। इससे बचने के लिए हमेशा यह सोचते रहना चाहिए कि आप एक स्वस्थ व्यक्ति हैं। इस तरीके से आधी से अधिक बीमारी तो खुद ही चली जाएँगी।
एक बहुत पुरानी बात मुझे याद आ रही है कि एक व्यक्ति अपने फटे हुए जूतों को लेकर बहुत परेशान था लेकिन जब उसने बिना पैरों वाले एक व्यक्ति को देखा तो उसे एहसास हो गया कि मैं बिना वजह परेशान हो रहा था, इस व्यक्ति के तो पैर ही नहीं है जबकि मेरे पास पैर भी हैं और जूते भी हैं। अब वह God को धन्यबाद देने लगा और अपने कार्य में लग गया।
2- “मेरी उम्र इस कार्य के लिए नहीं है” का बहाना बनाना
बहुत से लोग अपनी उम्र (Age) कम या ज्यादा होने का बहाना बनाते हैं। “मेरी उम्र इस काम के लिए अभी बहुत कम है”, “मेरी उम्र अब इस काम के लिए ज्यादा हो गयी है”, “उम्र ज्यादा होने की वजह से अब मैं इस काम के लिए योग्य नहीं हूँ “, “अभी बहुत उम्र पड़ी है यह काम करने के लिए, अभी से क्यों करें” आदि ऐसे बहाने हैं जो व्यक्ति को कोई भी काम नहीं करने देते। इन सभी से बचना चाहिए। अच्छे कार्य किसी भी उम्र में किये जा सकते हैं। Creative Activity को करने की भी कोई उम्र निश्चित नहीं होती।
एक व्यक्ति के बारे में मैंने News Paper पढ़ा था जिसने 97 वर्ष की उम्र में पढ़ने-लिखने के बारे में सोचा और एक साल में ही (98 वर्ष) पढ़ना और लिखना जान गया। अब उसने अपनी Autobiography लिखनी शुरू की और एक साल में उसे पूरा भी कर लिया और एक अच्छे Publisher से अपनी Book को Publish कराकर 99 वर्ष की उम्र में एक सफल लेखक के रूप में नाम कमाकर इस दुनिया से चला गया। इच्छा के आगे उम्र सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती।
3- “मेरा तो भाग्य ही ख़राब है” का बहाना बनाना
बहुत से लोग अपनी किस्मत (Fate) का बहाना बनाते रहते हैं। अपने भाग्य (Luck) को ख़राब बताने का बहाना वह व्यक्ति ज्यादा करते हैं जो कुछ काम नहीं करना चाहते हैं और हमेशा ख़राब किस्मत का रोना रोते रहते हैं। कर्म में विश्वास करने वाले व्यक्ति कभी भी भाग्य के बारे में बात नहीं करते हैं क्योकि वह जानते हैं कि मेहनत और लगन (Work and perseverance) से किसी भी मंजिल को पाया जा सकता है।
कर्म में विश्वास करने वाले व्यक्ति के मन में सफलता के लिए सकारात्मक विचार (Positive thinking) होते हैं। यह बात 100% सही है कि सच्ची सफलता भाग्य से नहीं बल्कि सही दिशा में की गयी मेहनत से मिलती है। बिना मेहनत के मिली हुई संपत्ति या सफलता स्थाई नहीं रहती है।
4- “मेरा इस काम के लिए मन नहीं है” का बहाना बनाना
किसी अच्छे कार्य की इच्छा न होना भी एक बहाना है और इस बहाने का प्रयोग आजकल बहुत से लोग करते हैं। बहुत से लोग तो अपनी जिंदगी के सबसे जरुरी कार्यों के लिए भी मन न होने का बहाना बनाकर नहीं करते हैं। ऐसे लोग असफल कहे जाते हैं और अपने जीवन में बहुत सी परेशानियों को झेलते रहते हैं।
मन तो चंचल होता ही है। मन को तो अच्छे कार्यों में लगाया जाता है। आज सफल हो चुके लोगों से पूछिये कि क्या उनका मन मेहनत करने के लिए था, उनका उत्तर होगा–नहीं था, फिर भी उन्होंने मेहनत की क्योकि उन्हें सफल होना था। सफल होने की प्रेरणा (Motivation) उन्हें हमेशा मेहनत करवाती रही और बाद में वह सफल कहलाये।
5- “इस कार्य में पैसा खर्च होगा” का बहाना बनाना
कुछ लोग पैसा नहीं होने या पैसा (Money) खर्च होने का बहाना बनाते हैं। पैसा होते हुए भी जरुरत के समय पैसा न खर्च करने का बहाना किसी भी व्यक्ति के लिए असफल बना सकता है। जरा सोचिये कि हम पैसा क्यों कमाते हैं ? सबसे अच्छा उत्तर होगा–जरुरत होने पर खर्च करने के लिए। पैसा एक ऐसा साधन है जिससे हम जरुरत की चीजें खरीद सकते हैं, जरुरत के कार्य कर सकते हैं।
सबसे बड़ा दुर्भाग्य यह होता है कि जरुरत होने पर भी व्यक्ति पैसा न तो खुद पर खर्च करता है और न ही उससे दूसरे जरूरतमंदों की मदद करता है और पैसा न होने का बहाना बनाता है। अतः पैसे का सही प्रयोग करना सीखें और पैसे को एक साधन बनाये न कि अपना उद्देश्य बनाये।
6- “मेरे पास इतनी बुद्धि नहीं है” का बहाना बनाना
बहुत से लोग अपनी बुद्धि (wisdom) कम होने का बहाना बनाकर काम से बचना चाहते हैं। यहाँ पर लोग गलती यह करते हैं कि अपनी बुद्धि को कम मानते हैं और दूसरों की बुद्धि को ज्यादा मानते हैं और इसी कारण बहाना बनाते हैं। महत्वपूर्ण यह बात नहीं है कि आपके पास कितनी बुद्धि है, महत्वपूर्ण यह है कि आप अपनी बुद्धि का कैसे और कितना प्रयोग करते हैं।
एक Positive minded person अपनी बुद्धि का प्रयोग सफलता पाने में करता है और सफल भी होता है जबकि एक Negative minded person अपनी बुद्धि का प्रयोग बहाने बनाने में अधिक करता है और असफल रहता है। यह बात हमेशा याद रखनी चाहिए की कभी भी अपनी बुद्धि को किसी से कम न समझे और इसका प्रयोग सकारात्मक तरीके से करें तो सफलता तो खुद ही आपका पता पूछते हुए आपके पास पहुंच जाएगी।
दोस्तों ! यहाँ मेरा उद्देश्य केवल इतना है कि यदि आप भी बहाने बनाते हैं तो कृपया अपनी इस आदत को छोड़ दें और अपने आसपास के लोगों की भी इस बारे में सहायता करें। यदि कोई असफल व्यक्ति अपने बहानों को जितना कम करता जायेगा, उतना ही वह सफलता के पास आता चला जायेगा। अतः बहानों के जाल को तोड़ दीजिये और सफलता की ओर कदम बढाइये।

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कम समय में अधिक कार्य कैसे करें? | Improve your Working Power


आप में से बहुत से लोगों को Books पढ़ना बहुत अच्छा लगता होगा और अपनी पसंद की Book के आप बहुत से पेज कुछ देर में ही पढ़ लेते होंगे। अब आप उस समय को याद कीजिये जब आपने अपनी Life में Book reading शुरू की थी। तब आप 10 minutes में Book का केवल एक पेज ही पढ़ पाते थे। जैसे जैसे आपने Books को पढ़ना जारी रखा आपकी Book पढ़ने की Speed बढ़ती ही गयी। अब आपके साथ स्थिति यह है कि आप 10 minutes में 7 या 8 पेज या उससे भी अधिक पढ़ लेते हैं। यह कैसे Possible हो पाया ?


आपका उत्तर शायद यही होगा कि आपने लगातार Books पढ़ना जारी रखा। लगातार पढ़ने से Book reading का आपका अच्छा अभ्यास होता चला गया और इस लगातार अभ्यास से आपकी Book reading की Speed बढ़ती चली गयी और आज आप कम समय में अधिक पेज पढ़ पाते हैं। यानी Books में आपकी पढ़ने की शक्ति (Reading Power) लगातार बढ़ती चली गयी।
अब यही कार्य आपको समय (Time) के साथ भी करना है। इसके लिए आपको यह करना है कि आप कम समय में अपने अधिक से अधिक कार्यों को कर पाएं। सुबह से शाम तक आप बहुत से कार्य करते होंगे। आजकल काम की अधिकता की वजह से समय की कमी महसूस की जा सकती है। दिन के समय को तो आप बढ़ा नहीं सकते क्योंकि वह तो Fix है अतः दुनिया के प्रत्येक इंसान को एक दिन में 24 घंटे से ज्यादा मिल नहीं सकते।
अब इसी समय में आपको अपने बहुत सारे ऐसे Works पूरे करने होंगे जिन कार्यों से लिए आप यह महसूस करते हैं कि यह 24 घंटों में पूरे नहीं किये जा सकते। लेकिन आप अपनी Working power को बढ़ाकर अपने सभी कार्यों को एक दिन (24 hours) में पूरा कर सकते हैं। इसके लिए आपको कम समय में अधिक कार्य करने की आदत को विकसित करना होगा जिससे आपकी Working power बढ़ जाए।
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Working Power कैसे बढ़ाया जाए ?
Working power बढ़ाने के लिए आप अपने पूरे दिन में जो भी कार्य करते हैं, उन कार्यों में लगातार कुशलता हासिल करनी होगी। लगातार अपने कार्यों को कम समय में करने का अभ्यास करना होगा। अपने कार्यों को कम समय में करने के लिए नए-नए तरीके सीखने होंगे। खुद को अपने कार्यों को करने के लिए अधिक योग्य बनाना होगा और अपनी इस योग्यता को निरंतर बढ़ाते जाना होगा। आपको अपने दिन में किये जाने वाले कार्यों में से कुछ कार्यों को Choose करना होगा जिनमे आप अधिक Working power बढ़ाना चाहते हैं। इन चुने हुए कार्यों में अपनी Working power को बढ़ाने के लिए आप निम्न तरीकों को अपना सकते हैं……..
1- अपनी Working power बढ़ाने के लिए आप उन लोगों से मदद ले सकते हैं जो आपके द्वारा चुने गए कार्यों को करने में माहिर हों। आप ऐसे लोगों के पास जाइये और उनसे इस बारे में बात कीजिये, उनसे सलाह लीजिये, उनके कार्यों को करने के तरीकों को ध्यान से देखिये। ऐसा करने से आप उन लोगों से बहुत कुछ अच्छा सीख जायेंगे और अपनी Working power को बढ़ा लेंगे।
2- Working power को बढ़ाने के लिए आप अपने चुने हुए कार्यों से सम्बंधित Books को खरीदकर पढ़ सकते हैं। यह Books आपकी Working power को बढ़ाने में बहुत सहायता करेंगी। इन्हे जरूर पढ़ें।
3- अपनी Working power को बढ़ाने के लिए आप Internet की सहायता भी ले सकते हैं। इंटरनेट ज्ञान का भंडार है। अपने चुने हुए कार्यों से सम्बंधित को आप इंटरनेट से Search करके उन्हें पढ़ सकते हैं।
4- इसके अतिरिक्त आप खुद अपने चुने हुए कार्यों को कम समय में करने के नए-नए तरीके खोज सकते हैं। इन तरीकों को अपनाकर आप लगातार अभ्यास से अपनी Working power को बढ़ा सकते हैं।
अपनी Working power बढ़ाने के लिए आपको ऊपर दिए गए इन तरीकों को अपनाना होगा ताकि आपको सही सहायता मिल सके और आप Self improvement कर सकें। आप अपनी काम की चीजों को एक Diary में note करते जाएं ताकि उन चीजों के बारे में आप आसानी से याद रख सकें।
Working power को बढ़ाने के तरीके को एक उदाहरण के द्वारा आपको समझाने की कोशिश करता हूँ। यदि आपको किसी एक बड़े Box में Books को रखना है और यदि आप उस Box में Books को बस ऐसे ही भर देंगे तो आप Box में कुछ ही Books को रख पाएंगे लेकिन यदि आप अपनी कुशलता का उपयोग करते हुए एक सही तरीके से Books को उस Box में क्रम से लगाएंगे तो पहले से लगभग दुगनी Books को रख सकते हैं।
यही आपको समय और अपने कार्यों से साथ करना है। Box को समय मान लीजिये और Books को अपने कार्य मान लीजिये। अब आपको अपनी कुशलता का उपयोग करते हुए उतने ही समय में अधिक से अधिक कार्यों को करने की Power बढ़ानी होगी। 
Working power को बढ़ाने के लिए आपको कुछ अच्छी आदतों को विकसित करना होगा जो आपकी Life में Success बढ़ाने में मदद करेंगी।  इसके लिए आपको—–
1- अपने कार्यों को कम समय में करने की इच्छा को बढ़ाना होगा ताकि कार्य करने में आपका मन लगा रहे।
2- जब आपकी किसी भी कार्य में Working power बढ़ जाये तो आपको रुकना नहीं है, लगातार अभ्यास को जारी रखना है ताकि आपकी योग्यता समय के साथ बढ़ती ही जाये।
3- Working power बढ़ते जाने पर आपको Self confidence को बढ़ाते जाना है न कि अपने Ego को बढ़ाना है। यदि यह Ego बढ़ गया कि आप किसी कार्य में Perfect हो गए हैं या उस कार्य को आपकी तरह कोई दूसरा नहीं कर सकता तो समझ लीजिये आपकी Working power की Growth वहीँ रुक जाएगी।
4- यदि आप अपनी तुलना किसी दूसरे से करें तो हमेशा ऐसे व्यक्ति से करें जो आपसे अधिक योग्य हो ताकि आप उसके जैसा बन सकें। अपने से नीचे व्यक्ति से कभी तुलना न करें।
5- Working power बढ़ाने में कोई जल्दबाजी न दिखाएं। जल्दबाजी में कार्य हमेशा बिगड़ता है। आपको कम समय में अधिक से अधिक कार्य करने की Power को बढ़ाना है और साथ में इस बात का भी ध्यान रखना है कि Working power बढ़ने के साथ आपके Work की Quality भी न घटे।

Source: http://www.aapkisafalta.com/2015/10/how-to-improve-working-power-in-less-time.html

आत्महत्या की कोशिश | Hindi Story On Positive Thinking




जीवन (Life) में अच्छी और बुरी दोनों ही परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। दुनिया में बहुत से ऐसे लोग हैं जो दोनों ही परिस्थितियों का सामना बहुत अच्छी तरह करते हैं। ऐसे लोग खुशियों के समय जीवन का आनंद लेते हैं और परेशानियों के समय भी जीवन का आनंद लेने के साथ ही साथ परेशानियों का तब तक डटकर सामना करते हैं जब तक परेशानियां खुद परेशान होकर भाग न जाएं।

लेकिन बहुत से लोग ऐसे भी होते हैं जो परेशानियों का सामना नहीं कर पाते और उनके आगे घुटने टेक देते हैं। परेशानियों के समय हमारी Positive Thinking हमारी बहुत सहायता करती है। बिना Positive Thinking के हम आये हुए संकट का सामना नहीं कर सकते। Positive Thinking हमें विपरीत परिस्थितियों में कुछ अच्छा और सही सोचने की शक्ति देती है।
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इस बात को स्पष्ट करने के लिए हिरन की एक कहानी मुझे याद आती है जिसे मैं आप लोगों से शेयर करना चाहता हूँ। एक जंगल में बहुत से हिरन बड़े ही आनंद से रहते थे। उन्हें जंगल में किसी भी तरह का भय नहीं था। एक बार किसी दूसरे जंगल से बहुत से जंगली जानवर शिकारियों के डर की वजह से उस जंगल में आ गए।
अब वह जंगली जानवर रोज कुछ हिरनों को मार कर खा जाते थे। हिरनों के सामने अब बहुत बड़ी समस्या आकर खड़ी हो गयी थी। लगातार हिरनों की संख्या कम होती जा रही थी। सभी हिरन बहुत डर गए थे और अपनी-अपनी जान बचाने के लिए जंगल में इधर-उधर भाग रहे थे।
कुछ दिनों बाद जब हिरन उन जंगली जानवरों के आतंक से बहुत ज्यादा परेशान हो गए तो उन सब हिरनों ने एक सभा का आयोजन किया। जंगल के सभी हिरन उस सभा में आये। सभी हिरन डरे हुए थे, बहुत विचार करने के बाद भी उन्हें अपनी जान बचाने का कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था तो उन सबने यह निर्णय लिया कि उन खूंखार जंगली जानवरों के हाथो दर्दनाक मौत से तो अच्छा है कि हम लोग एक साथ किसी तालाब में डूबकर आत्महत्या कर लेते हैं।

सभी हिरन इस बात के लिए राजी हो गए और आत्महत्या के लिए एक साथ एक बहुत बड़े तालाब की ओर चल दिए। रास्ते में उन्हें कुछ खरगोश मिले जो बड़े आराम से इधर-उधर उछलकूद कर रहे थे। जैसे ही खरगोशों ने इतने सारे हिरनों को एक साथ आते देखा तो वह जल्दी से इधर-उधर छुप गये। हिरन इन सभी खरगोशों को देखकर कुछ सोचने लगे लेकिन एक दूसरे को देखते हुए आगे बढ़ते गए।
तालाब के पास पहुंच कर उन्होंने देखा कि बहुत से मेढक तालाब के आसपास धूप सेंक रहे थे। जैसे ही मेढकों ने इतने ज्यादा हिरनों को एक साथ आते देखा तो तुरंत डरकर तालाब में कूद गए। अब सभी हिरन इन मेढकों को देखकर फिर कुछ सोचने लगे और एक दूसरे का मुँह देखने लगे।
तभी उन हिरनों में से एक बहुत समझदार और अनुभवी हिरन बोला, “रुको ! और आत्महत्या करने का विचार छोड़ दो। आपने देखा कि खरगोश और मेढक हमसे डरते हैं। हमें आते देखकर वह सब अपनी जान बचने के लिए अपनी-अपनी बनायी गयी सुरक्षित जगहों पर जाकर छुप गए। जब वह हमसे इतने कमजोर होते हुए भी आत्महत्या नहीं कर रहे तो हम क्यों करें?”
तभी दूसरा समझदार हिरन बोला, “जब खरगोश और मेढक खराब परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं तो हम क्यों नहीं कर सकते? जैसे उन्होंने संकट आते ही उससे बचने का रास्ता खोज लिया है, हमें भी कोई ऐसी ही सुरक्षित जगह को खोजना पड़ेगा।”
सभी हिरनों ने उनकी बात मान ली और इन परिस्थितियों का सामना करने की मन में ठान ली। अब उन सबने जंगल में एक सुरक्षित जगह को खोज लिया जहाँ वह जंगली जानवरों के आते ही भागकर छुप जाते थे और सुरक्षित रहते थे। कुछ दिनों बाद शिकारियों के दूसरे जंगल से चले जाने के बाद सभी जंगली जानवर वापस अपने जंगल में लौट गए और अब हिरन पहले की तरह खुशहाल जीवन जीने लगे।


दोस्तों ! यह कहानी हमें बहुत सी अच्छी बातो को सीखती है.……
1- जीवन में कई बार परिस्थितियां हमारे बहुत विपरीत होती है। हमें इन परिस्थितियों का सामना डटकर करना चाहिए, न कि परिस्थितियों के आगे हार मान लेनी चाहिए।
2- विपरीत परिस्थितियों के समय हमेशा Positive Thinking रखनी चाहिए। Positive Thinking हमें संकट के समय कुछ अच्छा सोचने की शक्ति देती है जिससे हम उस संकट से निकल पाते हैं। Positive Thinking में इतनी शक्ति होती है कि विपरीत परिस्थितियां भी घुटने टेक देती हैं। 
3- आत्महत्या (Suicide) करना किसी भी समस्या का हल नहीं हो सकता। आजकल बढ़ती हुई आत्महत्याओं के पीछे ख़राब परिस्थितियों का सामना न कर पाना ही एक बहुत बड़ी वजह है। ऐसे समय में तो Positive Thinking हमें सही रास्ते पर ले जा सकती है। 
4- हमें अपनों से कमजोर और परेशान लोगों से लगातार यह सीख लेनी चाहिए कि जब वह हमसे ज्यादा परेशान और कमजोर होते हुए भी जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करने की हिम्मत रखते हैं तो हम उनसे बेहतर होते हुए भी क्यों परेशान है?

Source: http://www.aapkisafalta.com/2015/10/motivational-self-improvement-story-on-positive-thinking-in-hindi.html

Motivate और Positive रहने का बेमिसाल तरीका | Success Tips



जीवन में सफल होने के लिए Positive or Motivate रहना बहुत जरुरी होता है। Positive रहने से सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि Negativity हमसे बहुत दूर रहती है। Positive रहने के लिए लोग बहुत से तरीके अपनाते हैं।
आज मैं आपके लिए Motivate होने और Positive रहने का एक ऐसा तरीका बताना चाहता हूँ जो बहुत ही आसान है और इसके लिए आपको न तो कोई Extra Time देना पड़ेगा और न ही कोई Extra Work करना पड़ेगा। एक बार जब आप इस तरीके को अपना लेते हैं तो दिन में कई बार यह तरीका आपको Motivate करता है और Positive रहने के लिए Recharge करता रहता है।
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Motivate और Positive रहने का बेमिसाल तरीका
इस तरीके का Use करने के लिए आपको कुछ ऐसे Motivational Words की जरुरत होगी जो आपको सबसे ज्यादा Motivate करते हों। यह Words या तो आप खुद बना सकते हैं या फिर इन्हे आप किसी Book या Internet से ले सकते हैं। इन Motivational Words का प्रयोग आप केवल Words के रूप में कर सकते हैं या इन Words से Quotes (Motivational Sentences) भी बना सकते हैं। अब आप इन Words या Quotes को अलग-अलग ऐसी चीजों या जगहों पर लिख दीजिये जिन चीजों या जगहों पर आपकी प्रतिदिन नजर पड़ती हो या जिन चीजों को आप प्रतिदिन Use करते हों।
बस, आपको इतना ही करना है !
अब आप जब भी उनमे से किसी वस्तु का Use करेंगे या उसे देखेंगे तो आपकी नजर आपके लिखे हुए Quotes या Words पर पड़ेगी और आप Positive Feel करने लगेंगे। अब जब आप किसी दूसरी चीज का Use करेंगे या उसे देखेंगे तो आपकी नजर दूसरे Quotes पर पड़ेगी और आप फिर से Positive Feel करेंगे। अब यदि आपने 10 जगहों पर ऐसे अलग-अलग Quotes को लिखा है तो आप दिन में कम से कम 10 बार Motivate होंगे। यदि प्रत्येक दिन बार-बार आप इनको देखते और पढ़ते रहे तो आप Positive Minded और Successful Person बन जायेंगे।
yes ! यह बात सही है।
मैं इसका Use कर चुका हूँ और मुझे Result भी Positive मिले हैं। आप भी इस तरीके का Use करके Daily कई बार Motivate हो सकते है।

मैं एक उदहारण द्वारा आपको बताना चाहता हूँ कि Motivate होने के इस तरीके का Use मैं खुद कैसे करता हूँ?
दोस्तों ! जब भी मुझे अपने ब्लॉग के लिए Post लिखनी होती है तो इसके लिए मैंने एक Diary बना ली है जिसमे मैं आगे लिखी जाने वाली पोस्ट को शार्ट में लिख लेता हूँ।
अब जब भी मुझे Blog Post को Computer में Type करना होता है तो लिखने से पहले उस Diary को Open करता हूँ।
जिसमे पहले पेज पर ही लिखा होता है- “आप एक बेहतरीन लेखक हैं !”
Next Page को खोलते ही लिखा मिलता है- “आप लिखना तो शुरू कीजिये, यकीन मानिये एक अच्छी पोस्ट लिखी जाएगी और वह सबको पसंद आएगी !”
बस इतना पढ़ते ही मैं Motivate हो जाता हूँ और लिखना Start कर देता हूँ। यदि मेरा मन नहीं भी होता है तो भी मैं इतना Motivate जो जाता हूँ कि मेरा मन लिखने को करने लगता है। इसी तरह मैं बहुत सी जगह ऐसे Motivational Words लिखकर Motivate होता रहता हूँ और Positive रहता हूँ। जब से मैंने यह तरीका Use किया है, मैं खुद को पहले से बहुत ज्यादा Motivate और Successful महसूस करता हूँ। मेरी आपसे सलाह है कि आप भी इस तरीके का प्रयोग करें और Motivate हों।
प्रेरणादायक शब्द (Motivational Words) आपको कहाँ लिखने चाहिए?
अब मैं आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताता हूँ जहाँ पर यदि आप चाहें तो अपने Motivational Words को लिख सकते हैं.…
1- आप एक Paper पर Motivational Words लिख कर अपने Wallet or Purse में ऐसी जगह रख लें कि जब भी आप अपना Wallet खोलें तो सबसे पहले वही Words दिखें।
2- आप अपने Office की Table पर ऐसे Motivational Words को लिख कर रख सकते हैं जहाँ से वह आपको बार-बार दिखें।
3- यदि आप Student हैं तो अपनी Books के पहले Page पर या अपनी Copy के पहले Page पर इन Motivational Words को लिख सकते हैं।
4- यदि आप कोई Book या Magazine पढ़ते हैं तो उसके Cover Page या First Page पर इन Motivational Words को लिख सकते हैं।
5- आप अपने घर में लगे Mirror पर इन Motivational Words को लिख सकते हैं क्योकि इस Mirror का Use आप रोज करते ही होंगे।
6- आप अपने Mobile Phone या Laptop के Screen पर ऐसे Motivational Words का Use किये हुए Wallpaper का प्रयोग कर सकते हैं।
7- बहुत से लोग Daily Diary लिखते हैं तो जब भी आप अपनी Daily Diary लिखें तो उसमे कुछ Motivational Words जरूर लिखें और आप इसके Cover or First Page पर भी इनका Use कर सकते हैं।
इस तरह आप अपनी रोज प्रयोग की जाने वाली अधिकतर चीजों पर इन Motivational Words को अनेक तरीकों से लिख सकते हैं। एक बात और ध्यान रखिये कि समय-समय पर आप इन Motivational Words को बदल सकते हैं, उनका लिखने की जगह बदल सकते हैं। आपको अपनी आवश्यकता के अनुसार इनको बदलते रहना चाहिए।

प्रेरणादायक शब्दों का वैज्ञानिकों द्वारा सफल प्रयोग
Motivate होने के इस तरीके का अमेरिका के वैज्ञानिकों द्वारा सफल प्रयोग भी हो चुका है। वैज्ञानिकों ने 1000 लोगों पर यह सफल प्रयोग किया। उन्होंने 500 व्यक्तियों को इन Motivational Words का Use करना सिखाया और बाकी 500 व्यक्तियों को बिना Motivational Words का Use करते हुए Normal Life जीने को कहा।
तीन महीनों बाद जब देखा गया तो Motivational Words को Use करने वाले व्यक्ति काफी खुश और Confident दिख रहे थे। उनके बहुत से Work अब Successful होने लगे थे। जबकि Motivational Words को use न करने वाले व्यक्तियों में कोई भी ऐसे Positive Change दिखायी नहीं दे रहे थे।
प्रेरणादायक शब्दों का रहस्य (Secret of Motivational Words)
इन Motivational Words से Success होने का रहस्य यह है कि जब हम इनका Use करने लगते हैं और बार-बार उन्ही शब्दों को पढ़ते और सोचते हैं तो यहाँ पर आकर्षण का नियम (Law of Attraction) काम करने लगता है। इस नियम के अनुसार हम जो भी सोचते हैं, उसी के अनुसार हमारे कार्य हो जाते हैं और जैसे हमारे कार्य होते हैं वैसे ही हम बन जाते हैं। यानी यदि हम लगातार किसी चीज से Motivate होते रहते हैं तो Positive सोचते हैं और Positive Work करते हैं। Positive Work करते हुए हम Successful बन जाते हैं।
तो दोस्तों, देर किस बात की है। यदि आपको Motivate होने का यह तरीका पसंद आया हो तो आज से ही इसे Start कर दीजिये।

Source: http://www.aapkisafalta.com/2015/10/how-to-motivate-and-success-by-positive-words-in-hindi.html

सफल लोगों की 30 अनमोल आदतें | Habits Of Successful People



दोस्तों ! क्या आप एक Good Person बनना चाहते हैं? यदि हाँ ! तो मैं आपको आज कुछ ऐसी आदतों और विचारों के बारे में बताना चाहता हूँ जो एक successful person अपनाता है और अपनी आदतों और विचारों से दूसरों को Motivate भी करता है। यह आदतें और विचार आपके लिए सफलता की ओर ले जाने वाले रास्ते (Way of success) की तरह काम आएंगे। यह अच्छी आदतें आपके जीवन के बारे में हैं (Good habits about life)। यदि यह आदतें और विचार आपको पसंद आएं तो इन्हे जरूर अपनाएं। सफलता के शिखर (Top of success) पर पहुंचने के बाद आप अपने विचारो और आदतों को कुछ इस तरह बतायेंगे–
1* मैं कभी भी समय को बर्बाद नहीं करता हूँ (Do not waste time) क्योकि मैंने समय को बर्बाद करने वालों को बर्बाद होते देखा है। समय अमूल्य है (Time is priceless)। एक किलो सोने से भी एक सेकंड नहीं खरीदा जा सकता।
2* मैं गरीब पैदा हुआ, उसमे मेरा कोई भी दोष नहीं है लेकिन यदि मैंने अपना जीवन गरीबी में बिताया तो यह मेरा सबसे बड़ा दोष होगा।
3* मैं हमेशा वर्तमान में जीता हूँ (Live in present time) क्योकि अतीत (Past) तो बीत चुका है और भविष्य (Future) के बारे में कोई भी नहीं जानता। केवल वर्तमान (Current time) ही जीवित रहता है।
4* मैं अपने किसी भी कार्य को टालता (Not Avoid any work) नहीं हूँ। जब भी मुझे कोई कार्य मिलता है, मैं तुरंत उसे पूरा करने के लिए लग जाता हूँ।
5* मैं कभी आलस नहीं करता (Do not be Lazy) क्योकि आलस्य मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है। आलसी मनुष्य उस मनुष्य के समान है जिसके हाथ और पैर नहीं होते।
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6* मैं कभी भी किसी कार्य के लिए बहाने नहीं बनता हूँ (Do not make Excuse) तथा जिम्मेदारी के साथ प्रत्येक कार्य को समय से पूरा कर देता हूँ।

7* जितना भी संभव हो सकता है, मैं दूसरों की सहायता जरूर करता हूँ  (Always help others) क्योकि यही इंसान होने की पहचान है। जरूरतमंद की हर संभव सहायता कीजिये, अच्छा लगता है।

8* मैं हमेशा अपनी असफलताओं से सीखता रहता हूँ (Learn from failure) और सफलता की ओर आगे बढ़ता जाता हूँ। प्रत्येक असफलता एक सकारात्मक संदेश (Positive massage) देती है।
9* यह मत सोचो कि शाम हो गयी और दिन गुजर गया बल्कि यह सोचो कि अभी तो शाम बची है और मैं इसमें बहुत कुछ कर सकता हूँ।
10* मैं सफल होकर ही दिखाऊंगा (I will Successful definitely) क्योकि सफल होना ही मेरा एकमात्र लक्ष्य (Only one Aim) है। सफल होना मेरा अधिकार है और मैं इसे पाकर रहूँगा।

11* मैं हमेशा अपने से बड़ों का सम्मान करता हूँ (Always respect of elders) और अपने से छोटों को प्यार करता हूँ। बुजुर्गों का सम्मान कीजिये क्योकि एक दिन आपको भी बुजुर्ग बनना है।
12* मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता (No substitute for hard work)। मेहनत के द्वारा मैं सर्वश्रेष्ठ को भी पा सकता हूँ। शॉर्टकट से उतना ही मिलता है जितना उसमे मेहनत की गयी थी।
13* मैं हमेशा किसी भी घटना के सकारात्मक पक्ष को ही देखता हूँ (Only sees the positive side) तथा अन्य चीजों से अपनी नजरें चुरा लेता हूँ। एक बार ऐसा करके देखिये, मंजिल (Success) मिल जाएगी।
14* अंधकार के बाद हमेशा प्रकाश आता है, जैसे रात के बाद दिन जरूर आता है। मुसीबतों के समय भी खुद को सकारात्मक रखें (Adopt a positive attitude), अच्छा समय (Good Time) जरूर आएगा।
15* मैं हमेशा महिलाओं का सम्मान करता हूँ (Respect for women) क्योकि एक महिला (माँ) की वजह से ही मेरा इस दुनिया में अस्तित्व है।
16* मुझे विश्वास है कि मैं आये हुए अवसर (Opportunity) को महान सफलता (Great Success) में बदल सकता हूँ। अच्छे अवसर की पहचान करना मुझे आता है।
17* मैं हमेशा सकारात्मक सोचता (Positive thinking) हूँ। इसीलिए सकारात्मक कार्य (Positive work) करता हूँ ताकि सफलता मिलना 100% पक्का हो जाये।18* मैं हमेशा अच्छी किताबों को ही पढ़ता (Read only good books) हूँ। किताबें मेरी सबसे अच्छी दोस्त हैं क्योकि यह कभी धोखा नहीं देती हैं।
19* मैं केवल अच्छा सोचता ही नहीं बल्कि मैं अच्छा करके भी दिखाता हूँ क्योकि अच्छा सोचना (Good thinking) और अच्छा करना (Good work) मुझे अच्छा लगता है।
20* मैं जो कहता हूँ वह करके दिखाता हूँ। व्यक्ति को अपनी कथनी और करनी (Word and deed) के बीच अंतर को कम से कम रखना चाहिए।

21* मैं दूसरों के बारे में हमेशा अच्छा ही सोचता हूँ (Always positive thinking about others) क्योकि जैसा आप दूसरों के बारे में सोचेंगे, वैसा ही आपके साथ होगा (Tit for tat)।
22* “केवल अपना फायदा” (“Only your advantage”) और “अपने साथ सबका फायदा” (“Benefits for all with me”) इन दोनों में से यदि मुझे किसी को चुनना हो तो मैं “अपने साथ सबका फायदा” चुनता हूँ।
23* मैं हमेशा कुछ बड़ा ही सोचता हूँ (Always think Big) क्योकि बड़ा सोचकर ही मैं कुछ बड़ा कर सकता हूँ। बड़ा सोचना (Big thinking) बहुत आसान है।24* मैं दूसरों को बदलने को तभी कहता हूँ जब मैं खुद बदल जाता हूँ (Firstly change yourself)। यदि आप दूसरों को किसी अच्छी आदत (Good habits) के बारे में बताते हैं और उन्हें बदलना चाहते हैं तो पहले खुद आप उस आदत को अपनाइये।
25* मैं हमेशा खुश रहता हूँ (Always be Happy) और यह लगातार यह कोशिश करता हूँ कि दूसरे भी खुश रहें। हमेशा खुश रहें और मुस्कुराते (Always be Smiling) रहें।
26* जब भी जीवन में परेशानी का समय आता है, तब मैं घबराता नहीं हूँ बल्कि उस परेशानी से बाहर निकलने के बारे में एक अच्छा प्लान बनाता हूँ (Make a good plan) और बाहर निकल भी जाता हूँ। खुद में विश्वास (Self confidence) रखिये।27* मैं हमेशा दूसरों से अच्छा व्यवहार करता हूँ (Good Behavior with others)। आप दूसरों के साथ वैसा ही व्यवहार करें जैसा आप दूसरों से अपने लिए चाहते हैं।
28* मैं एक इंसान हूँ और मेरी हमेशा यही कोशिश रहती है कि मैं एक अच्छा इंसान बन सकूँ (Be a good person)। जीवन (Life) में हमेशा एक अच्छे इंसान बनने के बारे में सोचें।29* मैं जीवन में सफलता के बारे में सोचता हूँ (Always think about way to success)। सफलता के बारे में सोचते हुए मैं हमेशा अपने से अधिक सफल व्यक्ति की ओर देखता हूँ ताकि उससे प्रेरणा (Motivation) पा सकूँ।
30* मैं जीवन में लगातार कुछ अच्छा सीखता रहता हूँ (Always learn good and positive)। जीवन में कुछ अच्छा और लगातार सीखने से ही व्यक्ति का विकास (Personality Development) होता है।

Source: http://www.aapkisafalta.com/2015/10/good-habits-ideas-of-successful-person-for-motivation-in-hindi.html

जीवन किसी के लिए नहीं रुकता | Inspirational Story In Hindi


 


एक शहर में बहुत बड़ा और प्रसिद्ध स्कूल (Famous school) था। उस स्कूल में कार्य करने वाले मैनेजर को यह अभिमान हो गया था कि उसके बिना स्कूल नहीं चल सकता क्योकि वह स्कूल के बहुत से कार्यों को सफलता (Success) के साथ पूरा करता था। अपने किसी भी काम में वह कभी कोई कमी नहीं रखता था। स्कूल का मालिक भी अपने इस मैनेजर से बहुत खुश (Very Happy) रहता था और उस पर बहुत भरोसा करता था।
बस मैनेजर को इस बात का अभिमान हो गया था कि उसके बिना यह स्कूल एक भी दिन नहीं चल सकता। उसके नीचे कार्य करने वाले कुछ कर्मचारी उसकी तारीफ़ करते रहते थे कि हमारे मैनेजर साहब तो बहुत अच्छी तरह काम संभालते हैं, वह उस स्कूल के आधार स्तम्भ (Pillars) हैं।
ऐसी बातें सुनकर मैनेजर को यकीन हो गया था कि पूरे स्कूल को चलाने वाला वह ही है, उसके बिना यहाँ कोई काम हो ही नहीं सकता। अगर वह इस स्कूल में एक दिन भी न आये तो स्कूल का काम ठप हो जायेगा।
अपने इस अभिमान के कारण वह अपने से नीचे कार्य करने वालों पर बहुत रौब झाड़ा करता था। अब उसे लगने लगा था कि पूरे स्कूल में मेरे जैसा अच्छी तरह कार्य करने वाला कोई नहीं है।
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एक बार स्कूल के वार्षिक समारोह (Annual ceremony) में एक मोटिवेशनल गुरू (Motivational teacher) को मुख्य अतिथि (Chief guest) के रूप बुलाया गया जहाँ उन्हें एक मोटिवेशनल स्पीच (Motivational speech) भी देनी थी।
मोटिवेशनल गुरू ने अपनी Speech देते समय कहा, “यह बात सही है कि प्रत्येक इंसान अपनेआप में Important है लेकिन यदि उसे यह अभिमान हो जाये कि उसके बिना कोई काम नहीं चल सकता या उसके बिना दुनिया नहीं चलेगी तो उसकी यह सोच (Thinking) व्यर्थ है। संसार में उसके जैसे कार्य करने वालों की कोई कमी नहीं है। एक इंसान जाता है तो कोई बात नहीं क्योकि कोई दूसरा उसकी जगह कार्य करने आ जाता है।”

अब स्कूल के मैनेजर (Manager) को यह बात अच्छी नहीं लगी और उन्होंने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा, “मैं आपकी बात को नहीं मानता। मैं यह जानता हूँ कि यदि मैं स्कूल न आऊं तो यहाँ कोई भी कार्य (Work) सही से नहीं हो पायेगा और यहाँ की सारी व्यवस्था चरमरा जाएगी। School को बहुत से नुकसान होंगे।”
विरोध किये जाने पर मोटिवेशनल गुरू बोले, “यदि किसी को मेरी बात पर यकीन नहीं है तो वह मेरी बातों को आजमाकर देख ले। मैनेजर साहब चाहें तो कुछ दिनों का अवकाश लें और देखें कि उनके बिना काम सही से होता है या नहीं।”
यह निर्णय हुआ कि मैनेजर स्कूल से 10 दिनों का अवकाश लेंगे और कहीं अच्छी जगह पर घूमने निकल जायेंगे। इन 10 दिनों में मैनेजर स्कूल से और स्कूल से Related किसी भी व्यक्ति से कोई संपर्क नहीं करेंगे।
मैनेजर अपने परिवार के साथ घूमने निकल गए। मैनेजर को यकीन था कि स्कूल अब सही से नहीं चलेगा। वह अपनी पत्नी से बोला, “देख लेना ! इन 10 दिनों में तो स्कूल बिलकुल भी सही से नहीं चल पायेगा। हो सकता है स्कूल के मालिक को दो या तीन दिन स्कूल को बंद भी रखना पड़े।”
अब 10 दिनों बाद जब मैनेजर दुबारा स्कूल आये तो उन्होंने देखा कि स्कूल के सभी कार्य पहले की तरह बिलकुल सही से चल रहे हैं, एक भी दिन स्कूल बंद नहीं किया गया, सभी लोग भी पहले की तरह बहुत खुश हैं तो उन्होंने अपने मालिक से पूछा, “यह तो असंभव (Impossible) था, संभव (Possible) कैसे हुआ?”
तभी स्कूल के मालिक ने जबाब दिया, “आप जब घूमने चले गए थे तब एक दिन तो कुछ परेशानी महसूस हुई लेकिन दूसरे दिन से आप ही के Under में काम करने वाले एक कर्मचारी ने आपके काम को बहुत अच्छी तरह संभाल लिया और इस तरह स्कूल को कोई भी परेशानी नहीं हुई।”
यह सुनकर मैनेजर का अभिमान (Proud) चकनाचूर हो गया और अब वह पहले की तरह अपना कार्य करने लगे, वो भी बिना किसी अभिमान के। अब उन्होंने सबके साथ अच्छा व्यवहार (Good behavior) करना शुरू कर दिया और अपना रौब जमाना बंद कर दिया।

दोस्तों ! हमें इस कहानी से बहुत सी अच्छी बातें सीखने को मिलती हैं (There are some good things to learn)—
1- यदि आप बहुत अच्छी तरह और जिम्मेदारी (Responsibility) से अपना काम करते हैं तो यह अच्छी बात है लेकिन आपको कभी अपने आप पर या अपने कार्य पर अभिमान नहीं करना चाहिए (Should not ego on yourself or your work)। 

2- प्रकृति का यह नियम (Rule of Nature) है कि जब कोई जगह खाली होती है तो उसे भरने कोई न कोई जरूर आ जाता है। जीवन किसी के लिए रुकता नहीं है (Life does not stop for anyone)। 

3- अभिमान करते समय (Time) आप अपने से नीचे कार्य करने वालों पर बिना किसी वजह के अपना  रौब जमाएंगे तो लोग आपको पसंद नहीं करेंगे (Should not Impress others unnecessarily)। 

4- अभिमान में रहकर व्यक्ति खुद को सबसे अच्छा समझता है। वह यह भूल जाता है कि हम जैसे हजारों व्यक्ति हैं जो उस काम को कर सकते है जो वह कर रहा है। 

5- जब दूसरे लोग आपकी तारीफ करें तो अभिमान न करें बल्कि और ज्यादा सतर्क हो जाएँ क्योकि अब लोग आप पर भरोसा (Trust) करने लगे है और अब आपकी जिम्मेदारी पहले से ज्यादा हो गयी है। एक Important बात यह भी है कि झूठी तारीफ (False compliment) करने वालों को भी पहचाने और उनकी बातों में न आएं।

Source: http://www.aapkisafalta.com/2015/10/inspirational-stories-on-life-not-stop-for-anyone-in-hindi.html